इसमें सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डाला जाएगा।

￰अब घबरा गए हैं खुद से, भागे तो टकरा गए हैं खुद से। अब ना खुद रहे ना रही हैं वह गर्मजोशियां, नज़र भी अब नहीं मिला पा रहे हैं खुद से। क्या हम वहीं हैं जो दूसरों के लिए लड़ते थे, अब तो अपनी लड़ाई भी नहीं लड़ पा रहे हैं खुद से।

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भारतीय कानूनी व्यवस्था और अपराधी

भारत का संविधान विश्व का सबसे प्यारा एवं सुन्दर संविधान बताया जाता है लेकिन भारतीय दण्ड संहिता में इतनी पेचीदगियां हैं कि इसके चलते अपराधी अपरोक्ष रूप से लाभान्वित हो…

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विश्वनाथ राय पूर्व सांसद

देवरिया जनपद के जिला मुख्यालय के करीब के गॉव खुखुन्दू में 10 दिसम्बर सन् 1906 में एक बालक का जन्म हुआ। जन्म चूँकि जमींदार एवं शिक्षित परिवार में हुआ इसलिए…

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