￰अब घबरा गए हैं खुद से, भागे तो टकरा गए हैं खुद से। अब ना खुद रहे ना रही हैं वह गर्मजोशियां, नज़र भी अब नहीं मिला पा रहे हैं खुद से। क्या हम वहीं हैं जो दूसरों के लिए लड़ते थे, अब तो अपनी लड़ाई भी नहीं लड़ पा रहे हैं खुद से।

0 Comments

और डालीबाग छूट गया…

मानव जीवन में आना जाना, पाना छूटना आजीवन लगा रहता है एवं ऐसी परिस्थियों का सामना अधिकांशत: लोगों को करना पड़ता है। 2017 के उत्तर प्रदेश के आम चुनाव के…

0 Comments

दो हरियों का घाट दोहरीघाट

दोहरीघाट की ऐतिहासिकता के बारे में बताते हैं कि दो हरियों भगवान राम और भगवान परशुराम के मिलन से दोहरीघाट का नामकरण हुआ। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के मऊ जिला…

0 Comments