मिस्टर कनफुकवा कुमार

त्रेता युग से लेकर कलयुग तक के लगभग 5500 वर्षों के अन्तर में कनफुकवा कुमार लोगों की संख्या में कोई कमी नहीं आयी है हाँ कई गुना बढ़ोतरी जरूर हुई…

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प्रभु राम के उदारहण से याद आता है कि मात्र चाहत से काम नहीं होता, बल्कि योग्यता भी प्रदर्शित करनी पड़ती है। प्रभु राम के उदारहण से याद आता है कि मात्र चाहत से काम नहीं होता, बल्कि योग्यता भी प्रदर्शित करनी पड़ती है।

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